“शायद जब हम स्वयं को सब कुछ चाहते हुए पाते हैं, तो ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम खतरनाक रूप से कुछ भी न चाहने के बेहद करीब होते हैं।”– सिल्विया प्लाथ “इन्नोवेशन के सफर में सब कुछ पाने की जिद इस बात का इशारा है कि आपके हाथ कुछ नहीं लगने वाला।”– नवीन लक्कूर








