“आप पूरी तरह से स्वार्थी, पूरी तरह से निःस्वार्थ या इन दोनों के बीच के कोई मिश्रण हो सकते हैं। जीवन स्वार्थी होने से लेकर निःस्वार्थ बनने तक की एक यात्रा है।”
-गौर गोपाल दास
“प्रेरणादायक नवाचार (इन्नोवेशन) स्वयं प्रेरित होने से लेकर एक प्रभाव पैदा करने तक का सफर है।”
-नवीन लक्कूर
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